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काजू से  निखारे सौंदर्य  (काजू (Cashew) के फायदे !!) 


Kaju ke kafi sare upyog aur fayde hai !!

# काजू तैलीय, शुष्क आदि हर प्रकार की त्वचा के लिए लाभप्रद होता है। यदि आपकी त्वचा तैलीय प्रकृति की है तो आप काजू को रातभर दूध में भिगोकर सुबह उसे महीन पीसकर उसमें मुल्तानी मिट्टी, नींबू या दही की थोड़ी मात्रा मिलाकर उसे चेहरे पर लगाएँ।
#  शुष्क त्वचा वाले बारीक पिसे हुए काजू में मुल्तानी मिट्टी व शहद मिलाकर अपनी त्वचा पर लगाएँ। इससे आपकी त्वचा में एक कुदरती चमक आती है।

# काजू में मैग्नीशियम पाया जाता हैं जो रक्तचाप कम करने में और दिल के दौरे को रोकने में मदद करता है।

# काजू एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत हैं जो हृदय रोग और कैंसर से बचाता हैं।

# काजू खाने से शरीर की हड्डियाँ मजबूत होती हैं।

# काजू में कॉपर अधिक मात्रा में पाया जाता हैं जो शरीर के हड्डियों और जोड़ो को लचीला बनाने में मदद करता हैं और त्वचा और बालों को रंग प्रदान करता हैं।

# काजू में वसा अच्छी मात्रा में पाया जाता हैं। फिर भी ये वजन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं|

# काजू फाइबर का अच्छा स्रोत हैं।
# काजू कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखता हैं।

# काजू में प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता हैं। इसके सेवन से त्वचा सुंदर और चमकदार हो जाती हैं।

#  काजू मसूड़ों और दांतों को स्वस्थ बनाए रखता हैं। 
How to reduce Cholesterolकार्य क्षमता बढ़ाने व कोलॅस्ट्रोल घटाने का अचूक आयुर्वेदिक नुस्खा  (cholesterol)

अपनी कार्य क्षमता बढ़ा कर सफल होने, स्फूर्ति वान होने व चर्बी घटा कर तन्दरूस्त होने का  यह आजमाया हुआ नुस्खा है। अनेक लोगों ने इसका प्रयोग कर सफलता पाई है। नुस्खा निम्न प्रकार है:

मिश्रण: 

50 ग्राम मेथी,  20 ग्राम अजवाइन, 10 ग्राम काली जीरीबनाने की विधिः-

मेथी, अजवाइन तथा काली जीरी को इस मात्रा में खरीद कर साफ कर लें। तत्पश्चात् प्रत्येक वस्तु को धीमी आंच में तवे के उपर हल्का सेकें। सेकने के बाद प्रत्येक को मिक्सर-ग्राइंडर मंे पीसकर पाउडर बनालें। तीनों के पाउडर को मिला कर पारदर्शक डिब्बे में भर लेवें। आपकी अमूल्य दवाई तैयार है।

दवाई लेने की विधिः-
 तैयार दवाई को रात्रि को खाना खाने के बाद सोते समय 1 चम्मच गर्म पानी के साथ लेवें। याद रखें इसे गर्म पानी के साथ ही लेना है। इस दवाई को रोज लेने से शरीर के किसी भी कोने मंे अनावश्यक चर्बी/ गंदा मैल मल मुत्र के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है, तथा शरीर सुन्दर स्वरूपमान बन जाता है। मरीज को दवाई 30 दिन से 90 दिन तक लेनी होगी।

लाभः-
इस दवाई को लेने से न केवल शरीर मंे अनावश्यक चर्बी दूर हो जाती है बल्किः-
  • शरीर में रक्त का परिसंचरण तीव्र होता है। ह्नदय रोग से बचाव होता है तथा कोलेस्ट्रोल घटता है।
  • पुरानी कब्जी से होेने वाले रोग दूर होते है। पाचन शक्ति बढ़ती है।
  • गठिया वादी हमेशा के लिए समाप्त होती है।
  • दांत मजबूत बनते है। हडिंया मजबूत होगी।
  • आॅख का तेज बढ़ता है कानों से सम्बन्धित रोग व बहरापन दूर होता है।
  • शरीर में अनावश्यक कफ नहीं बनता है।
  • कार्य क्षमता बढ़ती है, शरीर स्फूर्तिवान बनता है। घोड़े के समान तीव्र चाल बनती है।
  • चर्म रोग दूर होते है, शरीर की त्वचा की सलवटें दूर होती है, टमाटर जैसी लालिमा लिये शरीर क्रांति-ओज मय बनता है।
  • स्मरण शक्ति बढ़ती है तथा कदम आयु भी बढ़ती है, यौवन चिरकाल तक बना रहता है।
  • पहले ली गई एलोपेथिक दवाईयां के साइड इफेक्ट को कम करती है।
  • इस दवा को लेने से शुगर (डायबिटिज) Diabetes  नियंत्रित रहती है।
  • बालों की वृद्धि तेजी से होती है।
  • शरीर सुडौल, रोग मुक्त बनता है।
स्वामी रामदेवजी के योग करने से दवाई का जल्दी लाभ होता है।

परहेजः-

1. इस दवाई को लेने के बाद रात्रि मंे कोई दूसरी खाद्य-सामग्री नहीं खाएं।
2. यदि कोई व्यक्ति धुम्रपान करता है, तम्बाकू-गुटखा खाता या मांसाहार करता है तो उसे यह चीजे छोड़ने पर ही दवा फायदा पहुचाएंगी।
3. शाम का भोजन करने के कम-से-कम दो घण्टे बाद दवाई लें।
हल्दी और अदरक : घरेलू नुस्खे



हल्दी: 

आयुर्वेद के अनुसार हल्दी ऊष्ण, सौंदर्य बढ़ाने वाली, रक्तशोधक, कफ वात नाशक आदि होती है।

सर्दी-खाँसी में गरम पानी से हल्दी की फँकी देने से आराम मिलता है तथा बलगम भी निकल जाता है।

 हल्दी एंटीबायटिक का काम भी करती है। इसे फेस पैक के रूप में बेसन के साथ लगाने से त्वचा में निखार आता है।

अदरक :

 यह पाचक है। पेट में कब्ज, गैस बनना, वमन, खाँसी, कफ, जुकाम आदि में इसे काम में लाया जाता है।

अदरक का रस और शहद मिलाकर चाटते रहने से दमे में आराम मिलता है, साथ ही भूख भी बढ़ती है। यह पाचन ठीक करता है। नीबू-नमक से बना सूखा अदरक आप यात्रा में साथ रख सकते हैं।
पेट व कमर कैसे कम करें  (How to lose weight ? )
मोटापा कम करने के घरेलू उपाय !!

पेट व कमर कैसे कम करें

गलत ढंग से आहार-विहार यानी खान-पान, रहन-सहन से जब शरीर पर चर्बी चढ़ती है तो पेट बाहर निकल आता है, कमर मोटी हो जाती है और कूल्हे भारी हो जाते हैं। इसी अनुपात से हाथ-पैर और गर्दन पर भी मोटापा  (obesityआने लगता है। जबड़ों के नीचे गरदन मोटी होना और तोंद बढ़ना मोटापे के मोटे लक्षण हैं।

मोटापे  से जहाँ शरीर भद्दा और बेडौल दिखाई देता है, वहीं स्वास्थ्य से सम्बंधित कुछ व्याधियाँ पैदा हो जाती हैं, लिहाजा मोटापा (obesity) किसी भी सूरत में अच्छा नहीं होता। बहुत कम स्त्रियाँ मोटापे  (obesityका शिकार होने से बच पाती हैं।


हर समय कुछ न कुछ खाने की शौकीन, मिठाइयाँ, तले पदार्थों का अधिक सेवन करने वाली और शारीरिक परिश्रम न करने वाली स्त्रियों के शरीर पर मोटापा आ जाता है।प्रायः प्रसूति के बाद की असावधानी और गलत आहार-विहार करने से स्त्रियों का पेट बढ़ जाया करता है।


प्रसव के बाद 40 दिन तक पेट बाँधकर रखने से पेट बड़ा नहीं हो पाता। पेट बाँधने के बेल्ट बाजार में मिलते हैं। पहली कोशिश तो यही करना चाहिए कि पेट बढ़ने ही न पाए, क्योंकि एक बार पेट बढ़ जाने पर कम करना कठिन और समय साध्य कार्य हो जाता है। इसके लिए दो-तीन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।* प्रायः महिलाएँ भोजन करके खूब पानी पिया करती हैं।


भोजन के अन्त में पानी पीना उचित नहीं, बल्कि एक-डेढ़ घण्टे बाद ही पानी पीना चाहिए। इससे पेट और कमर पर मोटापा नहीं चढ़ता, बल्कि मोटापा (obesityहो भी तो कम हो जाता है।

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* आहार भूख से थोडा कम ही लेना चाहिए। इससे पाचन भी ठीक होता है और पेट बड़ा नहीं होता। पेट में गैस नहीं बने इसका खयाल रखना चाहिए। गैस के तनाव से तनकर पेट बड़ा होने लगता है। दोनो समय शौच के लिए अवश्य जाना चाहिए।


* भोजन में शाक-सब्जी, कच्चा सलाद और कच्ची हरी शाक-सब्जी की मात्रा अधिक और चपाती, चावल व आलू की मात्रा कम रखना चाहिए।


* सप्ताह में एक दिन उपवास या एक बार भोजन करने के नियम का पालन करना चाहिए। उपवास के दिन सिर्फ फल और दूध का ही सेवन करना चाहिए।


* पेट व कमर का आकार कम करने के लिए सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले नाभि के ऊपर के उदर भाग को 'बफारे की भाप' से सेंक करना चाहिए। इस हेतु एक तपेली पानी में एक मुट्ठी अजवायन और एक चम्मच नमक डालकर उबलने रख दें। जब भाप उठने लगे, तब इस पर जाली या आटा छानने की छन्नी रख दें। दो छोटे नैपकिन या कपड़े ठण्डे पानी में गीले कर निचोड़ लें और तह करके एक-एक कर जाली पर रख गरम करें और पेट पर रखकर सेंकें। प्रतिदिन 10 मिनट सेंक करना पर्याप्त है। कुछ दिनो में पेट का आकार घटने लगेगा।


* सुबह उठकर शौच से निवृत्त होने के बाद निम्नलिखित आसनों का अभ्यास करें या प्रातः 2-3 किलोमीटर तक घूमने के लिए जाया करें। दोनों में से जो उपाय करने की सुविधा हो सो करें।


* भुजंगासन, शलभासन, उत्तानपादासन, सर्वागासऩ, हलासन, सूर्य नमस्कार। इनमें शुरू के पाँच आसनों में 2-2 मिनट और सूर्य नमस्कार पाँच बार करें तो पाँच मिनट यानी कुल 15 मिनट लगेंगे। इन आसनों की विधि वेबदुनिया के योग चैनल से प्राप्त की जा सकती है।
* भोजन में गेहूँ के आटे की चपाती लेना बन्द करके जौ-चने के आटे की चपाती लेना शुरू कर दें। इसका अनुपात है 10 किलो चना व 2 किलो जौ। इन्हें मिलाकर पिसवा लें और इसी आटे की चपाती खाएँ। इससे सिर्फ पेट और कमर ही नहीं सारे शरीर का मोटापा कम हो जाएगा।


* प्रातः एक गिलास ठण्डे पानी में 2 चम्मच शहद घोलकर पीने से भी कुछ दिनों में मोटापा कम होने लगता है।


दुबले होने के लिए दूध और शुद्ध घी का सेवन करना बन्द न करें। वरना शरीर में कमजोरी, रूखापन, वातविकार, जोड़ों में दर्द, गैस ट्रबल आदि होने की शिकायतें पैदा होने लगेंगी।ऊपर बताए गए उपाय करते हुए घी-दूध खाते रहिए, मोटापा नहीं बढ़ेगा। इस प्रकार उपाय करके पेट और कमर का मोटापा निश्चित रूप से घटाया जा सकता है। ये सब उपाय सफल सिद्ध हुए हैं।

How to lose weight ?

पेट कम करने के घरेलू उपाय

मोटापा (obesity) घटाने के उपाय
वजन कम करने के घरेलु उपाय
वजन कम करने के घरेलू नुस्खे
मोटापा कम करने के घरेलु उपाय

बदहजमी दूर करने के घरेलू नुस्खे


बदहजमी की तमाम वजहें हो सकती हैं। मसलन भूख से ज्यादा खाना, खाने को सही तरीके से नहीं चबाना, नींद पूरी न होना, खाना सही तरह से पका न होना या फिर एक्सरसाइज न करना। इसके अलावा तेज मसालेदार भोजन और जीवनशैली में बदलाव के कारण भी पाचन की समस्या पैदा हो सकती है। बदहजमी होने पर इन

घरेलू नुस्खों को आजमाएं :

-एक चम्मच अजवाइन के साथ नमक मिलाकर खाने से बदहजमी से तुरंत छुटकारा मिलता है।

-एक गिलास पानी में पुदीने के रस की दो-तीन बूंदें डालकर हर तीन-चार घंटे के अंतराल पर पीएं।

-एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच नींबू, अदरक का रस और दो छोटे चम्मच शहद भी मिला लें। इसे
पीने से पाचन संबंधी परेशानी दूर होगी।

-अगर एसिडिटी से परेशान हैं, तो एक गिलास पानी में नींबू निचोड़कर पीएं।

-अगर चाय पीना नहीं छोड़ सकते, तो हर्बल टी का प्रयोग करना शुरू कर दें।

-कॉफी, अल्कोहल और धूम्रपान से बचें। इनसे भी पाचन खराब होने की आशंका होती है।

-अधिक टाइट कपड़े और जींस न पहनें।

-डिनर सोने से कम से कम दो-तीन घंटे पहले कर लें।

- एक चम्मच धनिए के भुने हुए बीज को एक गिलास छाछ में मिलाकर पीएं।

-खाने के बाद एक चम्मच सौंफ अवश्य चबाएं।

-अगर आपके मुंह का जायका खराब हो रहा है तो अदरक के टुकड़े में काला नमक लगाकर खाएं।

-अपने भोजन में रेशेदार फल-सब्जियों को शामिल करें। मैदा से बनी चीजों का सेवन न करें।


Gas and Acidity पेट में गैस की समस्या से बचा जा सकता है !



कई लोग पेट में गैस बनने से परेशान रहते हैं। आमतौर पर हमारे पेट में गैस, ठीक से पाचन न होने के कारण बनती है। इससे कब्ज की भी शिकायत रहती है और अंतत: हम गैस की समस्या से परेशान रहने लगते हैं। इन घरेलू और आसान नुस्खे को आजमा कर गैस की समस्या से बचा जा सकता है।
  • सौंठ, पीपल, काली मिर्च, अजवाइन, सेंधा नमक, सफेद जीरा, काला जीरा और भुनी हुई हींग को समान मात्रा में लें और कूट-पीसकर महीन चूर्ण बना लें। अब इस चूर्ण को आधा चम्मच घी में मिलाकर भोजन के साथ खा लें। इसका लगातार आठ दिनों तक सेवन करें, आपको गैस की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा।
  • अजवाइन और काले नमक को समान मात्रा में लें और पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। तैयार चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में गर्म पानी के साथ लें। आपके पेट से गैस गायब हो जाएगी।
triphala powderऐसे खाएं त्रिफला तो कभी चश्मा नहीं चढ़ेगा और बाल भी सफेद नहीं होंगे

कमजोरी के कारण शरीर बीमारियों का शिकार हो जाता है। लेकिन यदि हम थोड़ी सी सावधानी बरतकर और आयुर्वेद को अपनाए तो अपने स्वास्थ्य की सही तरह से देखभाल कर ही पाएंगे। साथ ही शरीर का कायाकल्प भी करने में आसानी होगी। त्रिफला ऐसी ही आयुर्वेदिक औषधी है जो शरीर का कायाकल्प कर सकती है। त्रिफला के सेवन से बहुत फायदे हैं। स्वस्थ रहने के लिए त्रिफला चूर्ण महत्वपूर्ण है। त्रिफला सिर्फ कब्ज दूर करने ही नहीं बल्कि कमजोर शरीर को एनर्जी देने में भी प्रयोग हो सकता है।

विधि- सूखा देसी आंवला, बड़ी हर्रे व बहेड़ा लेकर गुठली निकाल दें। तीनों समभाग मिलाकर महीन पीस लें। कपड़छान कर कांच की शीशी में भरकर रखें।

- त्रिफला के नियमित सेवन से कमजोरी दूर होती है।

- त्रिफला के नियमित सेवन से लंबे समय तक रोगों से दूर रहा जा सकता है।

- त्रिफला और इसका चूर्ण तीनों दोषों यानी वात,पित्त व कफ को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

- बालों के खराब होने और समय से पूर्व सफेद होने से भी त्रिफला के सेवन से बचा जा सकता है।

- गाय  व शहद के मिश्रण में (घी अधिक व शहद कम) के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन आंखों के लिए वरदानस्वरूप है। संयम के साथ इसका नियमित प्रयोग करने से आंखों के सारे रोग दूर हो जाते हैं। बुढ़ापे तक चश्मा नहीं लगेगा।

-त्रिफला के काढ़े से घाव धोने से एलोपैथिक एंटिसेप्टिक की आवश्यकता नहीं रहती। घाव जल्दी भर जाता है।

- त्रिफला के गुनगुने काढ़े में शहद मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है।

- रात को गुनगुने पानी के साथ त्रिफला लेने से कब्जियत नहीं रहती।

- सुबह के समय तरोताजा होकर खाली पेट ताजे पानी के साथ त्रिफला का सेवन करें और इसके बाद एक घंटे तक पानी के अलावा कुछ ना लें।

- मौसम को ध्यान में रखकर त्रिफला के साथ गुड़, सैंधा नमक, देशी खांड, सौंठ का चूर्ण, पीपल छोटी का चूर्ण, शहद इत्यादि  मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
याददाश्त बढ़ाने के आसान उपाय


- प्रतिदिन अखरोट का सेवन करें।

- शहद को हर रोज किसी न किसी रूप में लेने से याददाश्त अच्छी रहती है।

- पीपल के पेड़ के 5 पके फल हर दिन खाने से भी स्मरण शक्ति बढ़ती है।

- पका कद्दू हफ्ते में एक बार खाना याददाश्त बढ़ाने का अचूक उपाय है।

- खाना खाने से पूर्व एक मीठा सेब बिना छिले खाने से स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है।

- चुकंदर का रस दिन में दो बार एक कप लेने से स्मृति बढ़ती है।

- गेंहू के जवारे का रस रोज पीने से सभी मानसिक रोगों में फायदा मिलता है और याददाश्त तेज होती है।
गुणकारी बादाम के घरेलू नुस्खे  (Almond)

  • यह बौद्धिक ऊर्जा बढ़ाने वाला, दीर्घायु बनाने वाला है।
  • मीठे बादाम तेल के सेवन से माँसपेशियों में दर्द जैसी तकलीफ से तत्काल आराम मिलता है।
  • बादाम तेल का प्रयोग रंगत में निखार लाता है और बेजान त्वचा को रौनक प्रदान करता है।
  • त्वचा की खोई नमी लौटाने में भी बादाम तेल सर्वोत्तम माना गया है।
  • शुद्ध बादाम तेल तनाव को दूर करता है। दृष्टि पैनी करता है और स्नायु के दर्द में भी राहत दिलाता है। विटामिन डी से भरपूर बादाम तेल बच्चों की हड्डियों के विकास में भी योगदान करता है।
  • बादाम तेल से रूसी दूर होती है और बालों की साज-सँभाल में भी यह कारगर है। इसमें मौजूद विटामिन तथा खनिज पदार्थ बालों को चमकदार और सेहतमंद बनाते हैं।
  • बादाम तेल का इस्तेमाल बाहर से किया जाए या फिर इसका सेवन किया जाए, यह हर लिहाज से उपचारी और उपयोगी साबित होता है।
  • हर रोज रात को 250 मिग्रा गुनगुने दूध में 5-10 मिली बादाम तेल मिलाकर सेवन करना लाभदायक होता है।
  • त्वचा को नरम, मुलायम बनाने के लिए भी आप इसे लगा सकते हैं। नहाने से 2-3 घंटे पहले इसे लगाना आदर्श रहता है। बादाम तेल की मालिश न सिर्फ बालों के लिए अच्छी होती है, बल्कि मस्तिष्क के विकास में भी फायदेमंद होती है।
  • हफ्ते में एक बार बादाम तेल की मालिश गुणकारी है।
एसीडिटी से परेशान लोगों के लिए...आयुर्वेदिक नुस्खा (Acidity)

जो लोग एसीडिटी से परेशान होते हैं उन्हें एसीडिटी के कारण पेट में कई बार असहनीय जलन होती है। अगर आपके साथ भी ऐसी ही समस्या है तो जरूर आजमाएं ये आयुर्वेदिक उपाय। पेट की जलन तुरंत दूर हो जाएगी।


आयुर्वेदिक उपाय


पुष्कर की जड़, एरण्ड की जड़, जौ और धमासा- चारों को मोटा-मोटा कूट कर बोतल में भर लें। एक गिलास पानी में दो चम्मच चूर्ण डाल कर उबालें। जब पानी आधा कप बचे तब उतार कर , आधा सुबह व आधा शाम को पी लिया करें। पेट की जलन दूर हो जाएगी। यह प्रयोग आठ दिनों तक करके बंद कर दें।


क्या ध्यान रखें-


इस प्रयोग के साथ गरिष्ट भोजन से बचें।सुबह एक कप कच्चा दूध और एक कप पानी मिलाकर इसमें एक छोटी चम्मच मिश्री या चीनी डालकर फेंट लगाएं और खाली पेट चाय व दूध की जगह पीएं। भोजन के अंत में आगरे का पेठा या केला खाएं। सुबह-शाम आंवलें का मुरब्बा चबा चबाकर खाएं।



आयुर्वेद घरेलु नुस्खे – हरी इलायची ,लौंग

  • छिलके सहित इलायची को आग में जलाकर राख कर लें। इस राख को शहद में मिलाकर चाटने से उल्टी होना बंद होती है।
  • हरी इलायची 10 ग्राम, सौंफ 20 ग्राम, मिश्री 40 ग्राम तीनों को (इलायची छिलके सहित) महीन पीसकर मिला लें। प्रातः एक चम्मच चूर्ण दूध के साथ पीने से नेत्र ज्योति बढ़ती है व हृदय को बल मिलता है।
  • छिलके सहित छोटी इलायची, सौंठ, कालीमिर्च और दालचीनी समभाग लेकर पीस लें और महीन चूर्ण बना लें। चाय बनाते समय खौलते पानी में यह चूर्ण एक चुटकी भर डालकर चाय बनाइए। बड़ी स्वादिष्ट चाय बनेगी।
  • लौंग के तेल की एक-दो बूँद रुई के फाहे पर टपकाकर जिस दाँत में दर्द हो, वहाँ रखकर दबाएँ, दाँत का दर्द दूर हो जाएगा।
  • लौंग के तेल की एक-दो बूँद रुई के फाहे पर टपकाकर जिस दाँत में दर्द हो, वहाँ रखकर दबाएँ, दाँत का दर्द दूर हो जाएगा।
  • नारियल के तेल में लौंग के तेल की 8-10 बूँदें टपकाकर यह तेल सर में लगाकर मालिश करने से सिरदर्द ठीक हो जाता है।
  • लौंग, छोटी हरड़ और सेंधा नमक तीनों 10-10 ग्राम लेकर पीस लें। भोजन करने के बाद यह चूर्ण एक चम्मच, पानी के साथ फाँकने से उदर रोग ठीक होते हैं।
  • लौंग, सौंफ, छोटी इलायची, जरा-सा खोपरा समभाग लेकर कूट-पीस लें। इसे मुँह में रखने से मुख शुद्ध और दाँत मजबूत होते हैं।

काली खाँसी और वृद्धों की सूखी खांसी में आश्चर्यजनक लाभ !!


भुनी हुई फिटकरी और चीनी (एक रत्ती) दोनों को मिलाकर दिन में दो बार खाएं। पांच दिन में काली खांसी ठीक हो जाती है। बड़ो को दोगुनी मात्रा दें। यदि बिना पानी के न ले सके तो एक दो घूंट गर्म पानी ऊपर से पी लें।

या दही दो चम्मच, चीनी एक चम्मच, काली मिर्च का चूर्ण छः ग्राम मिलाकर चटाने से बच्चों की काली खाँसी और वृद्धों की सूखी खांसी में आश्चर्यजनक लाभ होता है।
मुंहासे से कैसे पाएँ छुटकारा !!



कुछ घरेलू उपचारों के द्वारा हम अपने चेहरे पर उभरे दाग-धब्बे, काले तिलमुँहासों आदि से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं –


संतरे के छिल्कों को छाया में सुखाकर बनाया गया बारिक चूर्ण और बराबर मात्रा में बेसन (अथवा बारीक पिसी हुई मुल्तानी मिट्टी दुगुनी) मिलाकर मिश्रण बना लें।

इस मिश्रण को पन्द्रह मिनट पानी में भिगोने के बाद गाढ़ा घोल बना लें और इसका मुंहासिं पर लेप करं। दस मिनट लगा रहने के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लिया जाए तो इस प्रकार ४-६ सप्ताह के प्रयोग से मुंहासे नष्ट हो जाते हैं

तुलसी  के घरेलू नुस्खे !! 


तुलसी की २१ से ३५ पत्तियाँ स्वच्छ खरल या सिलबट्टे (जिस पर मसाला न पीसा गया हो) पर चटनी की भांति पीस लें और १० से ३० ग्राम मीठी दही में मिलाकर नित्य प्रातः खाली पेट तीन मास तक खायें। ध्यान रहे दही खट्टा न हो और यदि दही माफिक न आये तो एक-दो चम्मच शहद मिलाकर लें। छोटे बच्चों को आधा ग्राम दवा शहद में मिलाकर दें। दूध के साथ भुलकर भी न दें। औषधि प्रातः खाली पेट लें। आधा एक घंटे पश्चात नाश्ता ले सकते हैं। दवा दिनभर में एक बार ही लें परन्तु कैंसर जैसे असह्य दर्द और कष्टप्रद रोगो में २-३ बार भी ले सकते हैं।

इसके तीन महीने तक सेवन करने से खांसी, सर्दी, ताजा जुकाम या जुकाम की प्रवृत्ति, जन्मजात जुकाम, श्वास रोग, स्मरण शक्ति का अभाव, पुराना से पुराना सिरदर्द, नेत्र-पीड़ा, उच्च अथवा निम्न रक्तचाप, ह्रदय रोग, शरीर का मोटापा, अम्लता, पेचिश, मन्दाग्नि, कब्ज, गैस, गुर्दे का ठीक से काम न करना, गुर्दे की पथरी तथा अन्य बीमारियां, गठिया का दर्द, वृद्धावस्था की कमजोरी, विटामिन ए और सी की कमी से उत्पन्न होने वाले रोग, सफेद दाग, कुष्ठ तथा चर्म रोग, शरीर की झुर्रियां, पुरानी बिवाइयां, महिलाओं की बहुत सारी बीमारियां, बुखार, खसरा आदि रोग दूर होते हैं।
ब्यूटी के सरल घरेलू नुस्खे !!

शहद :

यह त्वचा की झुर्रियां मिटाने में बड़ा सहायक है।
यह खुश्क त्वचा को मुलायम कर रेशमी व चमकदार बनाता है।
 चेहरे पर शहद की एक पतली तह चढ़ा लें। इसे 15-20 मिनट लगा रहने दें, फिर कॉटनवूल भिगोकर इसे पोंछ लें। तैलीय त्वचा वाले शहद में चार-पांच बूंद नीबू का रस डालकर उपयोग करें।

 नीम :

 यह त्वचा में रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है। इसके प्रयोग से मुंहासे में जादू जैसा लाभ होता है।
 चार-पांच नीम की पत्तियों को पीसकर मुलतानी मिट्टी में मिलाकर लगाएं, सूखने पर गरम पानी से धो लें। केला : यह त्वचा में कसाव लाता है तथा झुर्रियों को मिटाता है। पका केला मैश कर चेहरे पर लगाएं। आधा घंटे बाद ठंडे पानी से धो लें।

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